पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीमांत जिले पिथौरागढ़ की ओल्ड लिपुलेख पहुंच कर कैलाश के दर्शन किए। भगत दा ने कहा कि भगवान शिव की इस धरा में जाकर स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।
व्यास घाटी स्थित ‘ओल्ड लिपुलेख पास’ से करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र, देवाधिदेव महादेव का निवास स्थान कैलाश मानसरोवर के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन अनुसार सीमांत क्षेत्रों का विकास तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ही आज हम भारत की भूमि से पवित्र कैलाश के दर्शन कर पा रहे हैं।
सीमांत क्षेत्रों में सड़क पहुंचने से वहां स्वरोजगार के कई अवसर पैदा हो रहे हैं। पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही देश की सीमा भी सुरक्षित हो रही है। जिस यात्रा में पहले कई हफ्ते लगते थे आज वह यात्रा महज कुछ दिन में पूरी की जा सकती है।
भगत दा 83 साल की उम्र में कैलाश की ये यात्रा 18 घंटे में गाड़ी द्वारा पूरी की। भगत दा गुंजी से सुबह 5 बजे प्रस्थान कर ओल्ड लिपुलेख पास पहुंचे। उन्होंने वहां से कैलाश के दर्शन किये। उसके बाद आदि कैलाश के दर्शन करने के पश्चात पार्वती सरोवर के दर्शन किये।
भगत दा इस यात्रा को लेकर काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि.तिब्बत जाकर मेरे दादाजी ने 3 बार, पिताजी ने 2 एंव बड़ी बहन ने 1 बार दर्शन किए। मुझे भारत की भूमि से इस पवित्र पर्वत के दर्शन हुए, जो मेरे लिए बेहद भावुक क्षण थे।