रक्षाबंधन: 56 साल बाद फिर शाम को राखी बांधने का मुहूर्त

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हरिद्वार। रक्षाबंधन का पर्व इस बार दो दिन मनाया जा सकेगा, लेकिन दूसरे दिन केवल छह मिनट का ही समय राखी बांधने के लिए रहेगा। 56 साल इस बाद दोबारा ऐसा मौका आ रहा है कि जब शाम के समय रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। 11 अगस्त को शाम के समय रक्षा बंधन का पर्व इस साल मनाया जा सकेगा।
इस बार 11 और 12 अगस्त को भी मनाया जा सकेगा। रक्षा बंधन पर्व को लेकर मुहूर्त बहुत ही अहम होता है। खासतौर पर भद्राकाल में रक्षा बंधन न मनाने का सुझाव ज्योतिषी देते हैं। इस बार भद्राकाल 11 अगस्त को पूरा समय रहेगा। हालांकि उसका इतना असर नहीं होगा। लेकिन भद्राकाल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जा सकता है। 12 अगस्त को सुबह 7 बजे से पहले राखी बांधना काफी शुभ माना जाएगा। मुहूर्त के संबंध में भारतीय प्राच विद्या सोसाइटी के ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्र पुरी ने बताया कि 11 अगस्त को सुबह 9.34 बजे तक चतुर्दशी होगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि लगेगी, लेकिन इसी के साथ सुबह 9.35 बजे से भद्राकाल भी शुरू हो जाएगा, जो रात 8.53 बजे तक रहेगा। 11 अगस्त को प्रदोष काल देर शाम 07:20 के बाद रात 21.50 से पहले रक्षा बंधन किया जा सकता है। 12 अगस्त को सुबह 7 बजे से लेकर 7:06 बजे तक मुहूर्त है। 7:06 बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में 11 अगस्त को अधिक लोग रक्षा बंधन का पर्व मनाएंगे। 11 अगस्त को पूरे दिन भद्रकाल रहेगा। इससे पहले इसी तरह 1966 में शाम को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया था।

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