देहरादून। साइबर ठगों ने 83 वर्षीय बुजुर्ग महिला को ब्लैकमेल कर 39.91 लाख रुपये की ठगी कर दी। ठगों ने पीड़िता को डराया कि उनके और उनके पति के दस्तावेजों से जुड़े बैंक खातों में अवैध लेनदेन हुआ है। महिला की शिकायत पर साइबर अपराध देहरादून थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
उषा गुप्ता निवासी फेस-1, नियर बसंत विहार क्लब, इंद्रानगर, देहरादून ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त 2024 को उनके मोबाइल नंबर पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। जिसने खुद को भारतीय रिजर्व बैंक का अधिकारी विवेक शुक्ला बताया। उसने उषा से कहा कि उनके पति की एक पुरानी पॉलिसी से 50 लाख रुपये निकलने हैं। इसके लिए कुछ कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेज तैयार करने के नाम पर पैसे जमा करने को कहा। उषा के पति की मृत्यु 17 मार्च 2014 को हो चुकी है, जिसके चलते उन्हें यह बात विश्वसनीय लगी।
इसके बाद, आरोपियों ने व्हाट्सऐप के जरिए अलग-अलग खातों में रुपये जमा करने के लिए दबाव बनाया। एक अन्य नंबर से कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी विनय कुमार बताकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और कोर्ट से क्लीयरेंस लेटर के लिए वकील की फीस के नाम पर पैसे मांगे। तीसरे नंबर से हैदराबाद पुलिस का कर्मचारी बताकर फर्जी सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट के सर्टिफिकेट भेजे गए। उषा को डराया कि उनके और उनके पति के दस्तावेजों से जुड़े बैंक खातों में अवैध लेनदेन हुआ है।
उषा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने विभिन्न बैंकों से 39,91,007 रुपये आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर किए गए। सबसे बड़ी राशि 8 लाख रुपये 22 अक्टूबर 2024 को कोटक महिंद्रा बैंक के खाते में ट्रांसफर की गई। साइबर अपराध देहरादून थाने के डिप्टी एसपी अंकुश मिश्रा ने बताया कि मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।






