पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को सुनाई 20 साल के कारावास की सजा

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पौड़ी। विशेष सत्र न्यायाधीश पौड़ी (पोक्सो) अजय चौधरी की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 22 हजार अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं किए जाने पर दोषी को छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

विशेष लोक अभियोजक पोक्सो विजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि थाना धुमाकोट क्षेत्र के एक गांव की महिला ने पुलिस को बीते 19 अगस्त 2021 को तहरीर दी थी। महिला ने बताया था कि वह 19 अगस्त को अपने मायके गई थी। घर में उसकी नाबालिग बेटी अकेली थी। गांव के एक युवक ने बेटी को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना के दौरान आरोपी युवक को बेटी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में घर लौटते ही देख लिया था। इस दौरान शोर मचाने पर ग्रामीण भी मौके पर आए, लेकिन आरोपी युवक भीड़ का लाभ उठाते हुए फरार हो गया था। महिला की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ पोक्सो, दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी, मारपीट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर ली थी। पुलिस ने आरोपी को 21 अगस्त 2021 को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया था। जो अभी भी जेल में बंद है। बताया कि विशेष सत्र न्यायाधीश पौड़ी अजय चौधरी की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस, गवाहों के बयान व साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपित को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी पाया। अदालत ने दोषी पर दुष्कर्म व पोक्सो सहित अन्य धाराओं में 20 साल के कारावास की सजा सुनाते हुए 22 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं किए जाने पर दोषी को 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 9 गवाह पेश किए गए। बताया कि अदालत ने पीड़िता को प्रतिकर के रूप में सरकार को दो लाख देने के भी आदेश दिए है।

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